अमेरिकी संसद में पेश की गई एक रिपोर्ट के अनुसार भारत और अमेरिका व्यापार
संबंधों के विस्तृत दायरे पर चर्चा कर रहे हैं, जिसमें अमेरिकी कृषि
उत्पादों के लिए भारतीय बाजार में व्यापक पहुंच, और बदले में सामान्यीकृत
तरजीही प्रणाली (जीएसपी) के तहत नई दिल्ली की स्थिति बहाल करना शामिल है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2019 में जीएसपी व्यापार कार्यक्रम के तहत एक
लाभार्थी विकासशील देश के रूप में भारत के दर्जे को यह कहते हुए खत्म कर
दिया था कि उसने अपने बाजारों तक न्यायसंगत और उचित पहुंच देने का भरोसा
नहीं दिया।
स्वतंत्र कांग्रेस शोध सेवा (सीआरएस) की ताजा रिपोर्ट में कहा गया
है, ‘‘संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत व्यापार संबंधों की एक विस्तृत
श्रृंखला पर बातचीत कर रहे हैं, जिसमें अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए
भारतीय बाजार तक अधिक पहुंच शामिल है, जिसके बदले में शायद जीएसपी के तहत
भारत के दर्जे को अमेरिका बहाल कर सकता है।’’
रिपोर्ट में बातचीत की वर्तमान स्थिति का खुलासा नहीं किया गया है।
सीआरएस की रिपोर्ट अमेरिकी कांग्रेस की आधिकारिक रिपोर्ट नहीं
हैं। इसे विषयवस्तु विशेषज्ञ अमेरिकी सांसदों को विभिन्न विषयों की जानकारी
देने और निर्णय लेने में मदद करने के लिए तैयार करते हैं।
भारत के संबंध में इस टिप्पणी का उल्लेख ‘‘117वीं कांग्रेस में प्रमुख कृषि व्यापार मुद्दे’’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में किया गया है।
भारत सरकार ने भारतीय कृषि को वैश्विक बाजार के साथ जोड़ने के लिए पिछले
साल सितंबर में तीन कानून बनाए थे।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सितंबर में कहा था कि भारत और
अमेरिका के बीच सीमित व्यापार समझौते में बाधक अधिकांश मुद्दों को हल कर
लिया गया है और जल्द ही किसी समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
भारत कुछ इस्पात और एल्यूमीनियम उत्पादों पर अमेरिका द्वारा लगाए
गए भारी करों में छूट की मांग कर रहा है और साथ ही जीएसपी के तहत कुछ घरेलू
उत्पादों पर निर्यात लाभ की बहाली, और कृषि, ऑटोमोबाइल, ऑटोमोबाइल
कलपुर्जे और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अपने उत्पादों के लिए अधिक
बाजार पहुंच भी चाहता है।
दूसरी ओर अमेरिका सूचना और संचार
प्रौद्योगिकी उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती के साथ ही कृषि और
विनिर्मित उत्पादों, डेयरी और चिकित्सा उपकरणों के लिए अधिक बाजार पहुंच
चाहता है।

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