शिवसेना
प्रवक्ता संजय राऊत ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह महाराष्ट्र
सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच
एजेंसियों की ओर से महाराष्ट्र की जांच एजेंसियों का मनोबल तोड़ने का भी
प्रयास किया जा रहा है।
राज्यसभा
सदस्य राऊत ने रविवार को पत्रकारों से कहा कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के
एंटीलिया बंगले के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ी स्कॉर्पियो कार से
सिर्फ 20 जिलेटिन की छड़ें बरामद की गई थीं। इसकी छानबीन एंटी टेररिस्ट
स्क्वॉड (एटीएस) कर रहा था लेकिन केंद्र ने इस मामले की जांच में नेशनल
इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को जबरन घुसा दिया। राऊत ने कहा कि इससे पहले
फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही
थी लेकिन केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को जांच सौंपी गई। सीबीआई अब तक
सुशांत मामले में किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। जो जांच मुंबई
पुलिस कर रही थी, वहीं तक सीबीआई भी पहुंची है।
शिवसेना
प्रवक्ता राऊत ने कहा कि मुंबई पुलिस अब तक वर्ष 1993 के ऋृंखलाबद्ध बम
धमाकों और 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकवादी हमले की जांच सफलतापूर्वक कर चुकी
है। उन्होंने कहा कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के बंगले के बाहर पाई गई
जिलेटिन की 20 छड़ों का प्रकरण कोई बड़ा मामला नहीं था। इसकी छानबीन राज्य
की पुलिस कर रही थी लेकिन केंद्र ने राज्य पुलिस का मनोबल तोड़ने, उसे
बदनाम करने और राज्य सरकार को अस्थिर करने के उद्देश्य से इस जांच में
एनआईए को घुसाया है।

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