पोप फ्रांसिस ने कहा कि गरीबी और अज्ञानता जैसे कारक कट्टरपंथी हिंसा
फैलाने में मदद करते हैं और उन्होंने धार्मिक नेताओं तथा अन्य से स्कूली
शिक्षा को बढ़ावा देकर इसे रोकने में मदद करने का अनुरोध किया।
पोप ने धर्मों के बीच परस्पर समझ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से
शनिवार शाम को इटली के बोलोग्ना में चार दिवसीय बैठक के पहले दिन यह संदेश
दिया। वेटिकन ने बताया कि पोप ने सात सितंबर को यह संदेश लिखा था।
उन्होंने पिछले 40 वर्षों में दुनियाभर में प्रार्थना स्थलों पर करीब 5,000
लोगों के मारे जाने की निंदा की। उन्होंने कहा, ‘‘धार्मिक नेताओं के तौर
पर मेरा मानना है कि पहले हम सभी को सच्चाई का साथ देना चाहिए और बिना किसी
डर या ढोंग के बुरे को बुरा घोषित करें खासतौर से जब ये उन लोगों द्वारा
किया गया कृत्य हो, जो हमारे पंथ का पालन करने का दावा करते हैं।’’
फ्रांसिस ने कहा, ‘‘सबसे ज्यादा हमें लोगों को शिक्षित करने,
न्यायसंगत, एकजुटता आधारित और आंतरिक विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता है
जो शिक्षा के अवसर बढ़ाते हैं क्योंकि जब गरीबी और अज्ञानता होती हैं तो
कट्टरपंथी हिंसा आसानी से जगह बना लेती है।’’

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