राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गोवा
ने केंद्रीय योजनाओं का क्रियान्वयन भी बहुत अच्छे ढंग से किया है।
उन्होंने कहा कि भारत ने खुले में शौच से मुक्ति का लक्ष्य रखा तो गोवा ने
शत-प्रतिशत यह लक्ष्य हासिल किया। इसी प्रकार देश के हर घर को बिजली से
जोड़ने, हर घर जल अभियान में और गरीबों को मुफ्त राशन देने के मामले में
गोवा ने शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया।
उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं की
सुविधा और सम्मान के लिए जो योजनाएं केंद्र सरकार ने बनाई हैं, उनको गोवा
सफलता से जमीन पर उतार भी रहा है और उनको विस्तार भी दे रहा है। चाहे
टॉयलेट्स हों, उज्ज्वला गैस कनेक्शन हों या फिर जनधन बैंक अकाउंट हों, गोवा
ने महिलाओं को ये सुविधाएं देने में बेहतरीन काम किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘गोवा यानी आनंद, गोवा यानी प्रकृति, गोवा यानी
पर्यटन। लेकिन आज मैं ये भी कहूंगा-गोवा यानी विकास का नया मॉडल। गोवा यानी
सामूहिक प्रयासों का प्रतिबिंब। गोवा यानी पंचायत से लेकर प्रशासन तक
विकास के लिए एकजुटता।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि गोवा में राजनीतिक अस्थिरता ने राज्य के
विकास को बहुत नुकसान पहुंचाया है। राजनीतिक स्थिरता के फायदे गिनाते हुए
उन्होंने कहा कि आज गोवा नए आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है।
पूर्व
मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मेरे मित्र
स्वर्गीय पर्रिकर जी ने गोवा को तेज विकास के जिस विश्वास के साथ आगे
बढ़ाया, उसको मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की टीम पूरी ईमानदारी से नई
बुलंदियां दे रही है।’’
गोवा में बहुत बड़ी संख्या में छोटे किसानों का उल्लेख करते हुए
प्रधानमंत्री ने कहा कि इनमें से अधिकांश तो फल-सब्जियों पर निर्भर हैं या
फिर मछली के व्यवसाय से जुड़े हैं और इन छोटे किसानों, पशुपालकों व मछुआरों
को आसान बैंक ऋण एक बहुत बड़ी चुनौती थी।
उन्होंने कहा कि इसी
परेशानी को देखते हुए किसान क्रेडिट कार्ड की योजना का विस्तार किया गया है
और पशुपालकों और मछुआरों को पहली बार इससे जोड़ा गया है। साथ ही पीएम
किसान सम्मान निधि से भी गोवा के किसानों को बहुत बड़ी मदद मिली है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे ही प्रयासों के कारण सिर्फ एक वर्ष के भीतर ही गोवा
में फल-सब्जियों के उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दूध का
उत्पादन भी 20 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा है।’’
ज्ञात हो कि गोवा में एक अक्टूबर 2020 को शुरू की गई स्वयंपूर्ण
गोवा की पहल प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' के आह्वान से प्रेरित थी।
इस कार्यक्रम के तहत, राज्य सरकार के एक अधिकारी को 'स्वयंपूर्ण मित्र' के
रूप में नियुक्त किया जाता है। यह मित्र एक नामित पंचायत या नगरपालिका का
दौरा करता है, लोगों के साथ संवाद करता है, विभिन्न सरकारी विभागों के साथ
समन्वय करता है और यह सुनिश्चित करता है कि विभिन्न सरकारी योजनाएं एवं लाभ
पात्र लाभार्थियों के लिए उपलब्ध हों।
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Sunday, 24 October 2021
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प्रयासों के कारण सिर्फ एक वर्ष के भीतर ही गोवा में फल-सब्जियों के उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई
प्रयासों के कारण सिर्फ एक वर्ष के भीतर ही गोवा में फल-सब्जियों के उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई
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