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Sunday, 29 March 2026

एमओईएफसीसी एवं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया ने अर्थ ऑवर के 20 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में जागरूकता अभियान

 वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर-इंडिया (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया) ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) के सहयोग से शनिवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अर्थ आवर के 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जागरूकता एवं आउटरीच कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसमें पूरे देश में “पृथ्वी के लिए एक घंटा दें” का आह्वान किया गया।

ये गतिविधियां डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के पर्यावरण सूचना, जागरूकता, क्षमता निर्माण एवं आजीविका कार्यक्रम (ईआईएसीपी) के अंतर्गत, राष्ट्रव्यापी पृथ्वी घंटा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित की गईं। कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री नमिता प्रसाद एवं संयुक्त निदेशक सुश्री लिपिका रॉय उपस्थित थीं। इस कार्यक्रम में "प्रकृति संरक्षक सह पर्यावरण पर्यटन गाइड" विषय पर हरित कौशल विकास कार्यक्रम (जीएसडीपी) के प्रशिक्षुओं ने भी हिस्सा लिया।

ग्वालियर के सिंधिया स्कूल में अर्थ आवर जागरूकता अभियान एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया तथा इस कार्यक्रम में सतत जीवन शैली एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा दिया गया। इस पहल को ग्वालियर स्थित भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम) में डॉ. चंद्र शेखर बरुआ, पर्यटन अध्ययन में सहायक प्रोफेसर और एमबीए (पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन) में अध्यक्ष एवं प्लेसमेंट अधिकारी की उपस्थिति में आगे बढ़ाया गया। इस अवसर पर ऊर्जा संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता का विस्तार करने के लिए रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक प्रतीकात्मक रूप से स्विच-ऑफ की गईं।

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डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के संरक्षण प्रौद्योगिकी निदेशक और ईआईएसीपी के समन्वयक डॉ. जी. अरेंद्रन की उपस्थिति से इस पहल को और दृढ़ता मिली, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भागीदारी एवं क्षमता निर्माण के महत्व पर बल दिया। इस पहल में शामिल 15 से अधिक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के जीएसडीपी छात्रों ने अर्थ ऑवर के दौरान सक्रिय रूप से संदेश दिया और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।

पूरे देश में जीएसडीपी के छात्रों ने एक संयुक्त राष्ट्रव्यापी स्विच-ऑफ अभियान में हिस्सा लिया और जो जिम्मेदार आदतें अपनाकर मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के उनके संकल्प की पुष्टि करता है। पूरे देश के प्रतिष्ठित स्मारक, विरासत स्थल एवं सरकारी इमारत भी इस पहल में शामिल हुए और विभिन्न क्षेत्रों में रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक स्विच-ऑफ का पालन किया गया।

वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा जमीनी स्तर का पर्यावरण आंदोलन, अर्थ आवर, इस वर्ष अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है। इसकी शुरुआत 2007 में हुई थी जिसके बाद से यह 190 से अधिक देशों में एक वैश्विक पहल बन चुका है। भारत में, यह केवल प्रतीकात्मक स्विच-ऑफ कार्यक्रम नहीं है बल्कि इससे आगे बढ़कर लोगों को सफाई अभियान, वृक्षारोपण, जैव विविधता, साइकिलिंग अभियान एवं सतत विकास कार्यशालाओं जैसी गतिविधियों के माध्यम से पृथ्वी के लिए एक घंटा समर्पित करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इन गतिविधियों में लोगों की उत्साहजनक भागीदारी देखी गई और इसने पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में व्यक्तिगत एवं सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व को उजागर किया।

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