29 मई से 1 जून के दौरान अरब सागर के ऊपर दबाव पर आईएमडी की रिपोर्टइस, दबाव की निगरानी इनसैट 3डी एवं 3डीआर से उपलब्ध उपग्रह पर्यवेक्षणों, एससीएटीएसएटी, एएससीएटी आदि सहित पोलर औरबिटिंग उपग्रहों तथा उपलब्ध जहाजों एवं क्षेत्र में तैरने वाले पर्यवेक्षणों की सहायता से की गई। - National Adda

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Saturday, 20 June 2020

29 मई से 1 जून के दौरान अरब सागर के ऊपर दबाव पर आईएमडी की रिपोर्टइस, दबाव की निगरानी इनसैट 3डी एवं 3डीआर से उपलब्ध उपग्रह पर्यवेक्षणों, एससीएटीएसएटी, एएससीएटी आदि सहित पोलर औरबिटिंग उपग्रहों तथा उपलब्ध जहाजों एवं क्षेत्र में तैरने वाले पर्यवेक्षणों की सहायता से की गई।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र/ क्षेत्रीय मौसम विज्ञान संबंधी केंद्र, नई दिल्ली ने 29 मई से 1 जून के दौरान अरब सागर के ऊपर दबाव पर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट की कुछ प्रमुख विशेषताओं पर नीचे चर्चा की गई है:


संक्षिप्त जीवन इतिहास

  • 27 मई को पश्चिम मध्य एवं निकटस्थ दक्षिण पश्चिम अरब सागर (एएस) के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित हुआ। इसके प्रभाव के तहत,  28 मई को सुबह (0300 यूटीसी) में पश्चिम मध्य अरब सागर के ऊपर एक  निम्न दबाव क्षेत्र बना।
  • यह 29 मई को सुबह (0300 यूटीसी) में दक्षिण ओमान-पूर्व यमन तटों के करीब पश्चिम मध्य एएस के ऊपर एक सुचिन्हित निम्न दबाव क्षेत्र (डब्ल्यूएमएल) के रूप में स्थापित रहा।
  • अनुकूल पर्यावरणगत स्थितियों के तहत, यह 29 मई को दोपहर (0900 यूटीसी) में दक्षिण तटीय ओमान एवं समीपवर्ती यमन के ऊपर एक दबाव में केंद्रित हो गया।
  • यह 30 मई को सुबह (0300 यूटीसी) में दक्षिण तटीय ओमान एवं समीपवर्ती यमन के ऊपर थोड़ा पश्चिम दिशा में बढ़ा।
  • इसके बाद 1 जून 2020 को अहले सुबह (0000 यूटीसी) यह दक्षिण पश्चिम दिशा में बढ़ा और दक्षिण तटीय ओमान एवं समीपवर्ती यमन के ऊपर एक डब्ल्यूएमएल में कमजोर पड़ गया।

आईएमडी 24 घंटे उत्तर हिन्द महासागर के ऊपर निगरानी करता है और 27 मई से ही पश्चिम मध्य तथा समीपवर्ती दक्षिण पश्चिम अरब सागर के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के विकसित होने के साथ इस प्रणाली की निगरानी की गई।

इस दबाव की निगरानी इनसैट 3डी एवं 3डीआर से उपलब्ध उपग्रह पर्यवेक्षणों, एससीएटीएसएटी, एएससीएटी आदि सहित पोलर औरबिटिंग उपग्रहों तथा उपलब्ध जहाजों एवं क्षेत्र में तैरने वाले पर्यवेक्षणों की सहायता से की गई। दबाव की उत्पत्ति, ट्रैक, जमीन से टकराने एवं तीव्रता का पूर्वानुमान लगाने के लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) संस्थानों द्वारा संचालित विभिन्न सांख्यकीय मौसम पूर्वानुमान माडलों, विभिन्न वैश्विक मौडलों तथा स्वदेशी रूप से विकसित आईएमडी के डायनैमिकल-स्टैटिस्कल माडलों का उपयोग किया गया। विभिन्न संख्यात्मक माडल दिशानिर्देश, निर्णय निर्माण प्रक्रिया एवं वार्निंग प्रोडक्ट जेनरेशन के विश्लेषण एवं तुलना के लिए आईएमडी की एक डिजिटाइज्ड पूर्वानुमान प्रणाली का उपयोग किया गया।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) तथा आएसएमसी, नई दिल्ली ने डब्ल्यूएमओ एवं सभी हितधारकों तथा आपदा प्रबंधन एजेन्सियों के योगदान को समुचित रूप से स्वीकार किया जिन्होंने दक्षिण तटीय ओमान एवं समीपवर्ती यमन के ऊपर दबाव की सफल निगरानी, पूर्वानुमान एवं आरंभिक चेतावनी सेवा में योगदान दिया। हम राष्ट्रीय मध्यम रेंज मौसम पूर्वानुमान केंद्र (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ), भारतीय राष्ट्रीय समुद्र सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस), राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईओटी), भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे, आईआईटी भुवनेश्वर, आईआईटी, दिल्ली एवं अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (एसएसी-इसरो) सहित अनुसंधान संस्थानों को उनकी मूल्यवान सहायता समेत पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सभी सहयोगी संगठनों के योगदान की सराहना करते हैं। क्षेत्र तूफान चेतावनी केंद्र (एसीडब्ल्यूसी) चेन्नई एवं मुंबई, तूफान चेतावनी केंद्र (सीडब्ल्यूसी) तिरुवनंतपुरम, अहमदाबाद एवं मौसम विज्ञान केंद्र (एमसी) गोवा सहित आईएमडी के विभिन्न प्रभागों/अनुभागों से सहयोग प्राप्त हुआ। संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान प्रभाग, उपग्रह एवं राडार प्रभाग, सर्फेस एंड अपर एयर इंस्ट्रूमेंट प्रभाग, नई दिल्ली एवं आईएमडी के सूचना प्रणाली एवं सेवा प्रभाग के योगदान को भी विधिवत स्वीकार किया गया है।

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