उत्तर प्रदेश की सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन और सरकार के समन्वय से सूबे में होने वाले आगामी विधानसभा और पंचायत चुनावों को फतेह करेगी। इसके लिए शुक्रवार देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर एक अहम बैठक हुई जिसमें पूरी रणनीति का खाका खींचा गया।
इस
बैठक में मुख्यमंत्री योगी के अलावा भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन
सिंह, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और संगठन महामंत्री सुनील बंसल के
अलावा राज्य के तीनों सह प्रभारी और सरकार के करीब सभी मंत्री शामिल हुए।
कहने
को तो यह बैठक परिचयात्मक थी, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जब
महामंत्री संगठन ने बैठक के दौरान पार्टी का एजेंडा रखा तो सभी ने आगामी
चुनावों को लेकर रणनीतिक चर्चा शुरु कर दी।
मुख्यमंत्री
योगी ने विभिन्न जिलों के सभी प्रभारी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने
जिले में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनायें ताकि उसका फायदा
पंचायत चुनावों में और अगले साल प्रस्तावित विधानसभा के आम चुनाव में मिल
सके। भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बैठक के दौरान किसान आंदोलन को
लेकर भी चर्चा हुई और निर्णय लिया गया कि पार्टी इस मुद्दे पर किसानों को
जागरुक करते हुए विपक्ष की साजिश से उन्हें सावधान करेगी।
गौरतलब
है कि उप्र में सरकार और संगठन में समन्वय के लिए लगातार बैठकें होती रही
हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण काल में यह प्रक्रिया कुछ प्रभावित हो गई थी।
इसी बीच पार्टी नेतृत्व ने राधा मोहन सिंह को प्रदेश का प्रभार देते हुए
कर्मवीर सिंह और भवानी सिंह को सह संगठन मंत्री नियुक्त किया।
ऐसे
में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शाम 6.30 बजे अपने सरकारी आवास पर
संगठन के पदाधिकारियों और सरकार के मंत्रियों के बीच परिचय के नाम पर यह
बैठक बुलाई थी। सहभोज के साथ इस बैठक में आगामी चुनावों की तैयारियों के
लिए सरकार और संगठन के बीच तालमेल के साथ रणनीति बनाने पर विस्तार से चर्चा
हुई।

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