सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों के लिए आर्थिक पैकेज की घोषित किए हैं। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने चार हजार वकीलों को दो-दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी है। इसके बाद किसी ने भी मदद नहीं दी है। यह भी कहा गया है कि हाईकोर्ट ने सुओ मोटो जनहित याचिका में यूपी बार कौंसिल और न्यासी समिति को आर्थिक मदद देने का निर्देश दिया है लेकिन उन्होंने भी अब तक कोई मदद नहीं की है जबकि कोर्ट फीस और अधिवक्ता कल्याण टिकट के रूप में सरकार को वकीलों से करोड़ों रुपये की आमदनी होती है। याचिका में प्रमुख सचिव न्याय, महाधिवक्ता और यूपी बार कौंसिल को विपक्षी के रूप में पक्षकार बनाया गया है।
रिपोर्ट : रितेश कुमार
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