ब्रिटिश हिंदुओं के संगठनों ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को
संयुक्त पत्र लिखकर पाकिस्तान में हिंदुओं के ‘उत्पीड़न’ की बढ़ती घटनाओं
को लेकर उससे तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। पत्र में पाकिस्तान के
खैबर पख्तूनख्वा में पिछले महीने एक मंदिर में आगजनी की हालिया घटना का
हवाला दिया गया है।
हिंदू फॉरम ऑफ ब्रिटेन की अध्यक्ष तृप्ति पटेल,
हिंदू स्वयंसेवक संघ के अध्यक्ष धरज शाह, हिंदू काउंसिल यूके के महासचिव
रजनीश कश्यप, नेशनल काउंसिल ऑफ हिंदू टेंपल्स यूके के अध्यक्ष अरुण ठाकर और
विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष त्रिभुवन जोटांगिया के हस्ताक्षर वाला पत्र
शनिवार को लंदन में प्रधानमंत्री आवास ‘10 डाउनिंग स्ट्रीट’ भेजा गया।
पत्र में कहा गया है, ‘‘ब्रिटेन में हिंदू संस्थाओं के राष्ट्रीय मंच के
प्रतिनिधि के तौर पर हमलोग यह मांग करते हैं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री
देश में हिंदुओं के लगातार उत्पीड़न पर हर संभव कदम उठाएं। हाल में
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों जैसे कि हिंदुओं के लिए जो स्थिति पैदा हुई है
वह अत्यंत खतरनाक है।’’
पत्र में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पिछले साल 30 दिसंबर
को एक हिंदू मंदिर को जलाने और क्षतिग्रस्त करने की घटना का जिक्र किया गया
है। बताया जाता है मंदिर में तोड़फोड़ और आगजनी करने वाले हजारों लोगों के
समूह का नेतृत्व मौलवियों ने किया था।
खबरों के अनुसार करक जिले के टेरी गांव में हिंदू मंदिर पर हजारों लोगों ने हमला किया था और फिर उसे आग के हवाले कर दिया।
हिंदू समुदाय के सदस्यों को मंदिर की दशकों पुरानी इमारत की मरम्मत की
अनुमति मिलने के बाद भीड़ ने उसपर हमला कर दिया था। भीड़ ने नए निर्माण के
साथ साथ पुराने ढांचे को भी तोड़ दिया था।
पत्र में कहा गया है,
‘‘ब्रिटेन समेत अधिकतर अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठनों में धार्मिक रूप से
प्रेरित नफरत फैलाने वाली हिंसा को कवर नहीं किया।
पत्र में
पाकिस्तान के उच्च पदस्थ लोगों के विवादित बयानों के साथ इस्लामाबाद में एक
हिंदू मंदिर के निर्माण के विरोध का भी जिक्र किया गया है।

No comments:
Post a Comment